नारदजी जब लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती के पास पहुंचे और उन्हें अत्रि महामुनि की पत्नी अनुसूया के असाधारण पतिव्रत्य के बारे में बताया तब इस पर तीनों देवियों के मन में अनुसूया के प्रति ईर्ष्या का जन्म होने लगा। तीनों देवियों ने सती अनुसूया के पतिव्रत्य को खंडित करने के लिए अपने पतियों को उसके पास भेजा।
विशेष आग्रह पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने सती अनुसूया के सतीत्व और ब्रह्म शक्ति की परख करने की सोची। जब अत्रि ऋषि आश्रम से कही बाहर गए थे तब ब्रह्मा, विष्णु और महेश यतियों का भेष धारण करके अत्रि ऋ
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