आरती संग्रह

दुर्गा माता

आरती -

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शैलपुत्री माता आरती

शैलपुत्री माता आरती

शैलपुत्री मां बैल असवार।
करें देवता जय जय कार।।

शिव-शंकर की प्रिय भवानी।
तेरी महिमा किसी ने न जानी।।

पार्वती तूं उमा कहलावे।
जो तुझे सुमिरे सो सुख पावें।।

रिद्धि सिद्धि परवान करे तू।
दया करे धनवान करे तू।।

सोमवार को शिव संग प्यारी।
आरती जिसने तेरी उतारी।।

उसकी सगरी आस पुजा दो।
सगरे दुःख तकलीफ मिटा दो।।

घी का सुंदर दीप जला के।
गोला गरी का भोग लगा के।।

श्रद्धा भाव से मंत्र जपायें।
प्रेम सहित फिर शीश झुकायें।।

जय गिरराज किशोरी अम्बे।
शिव मुख चन्द्र चकोरी अम्बे।।

मनोकामना पूर्ण कर दो।
चमन सदा सुख संम्पति भर दो।।